| ॥ शिव वंदना ॥ |
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| कर दे दीनों का दु:ख दूर, ओ बाघम्बर वाले। कर दे तू मेरा बेड़ा पार, ओ शिवशंकर भोले॥ ॥ टेर ॥ |
| कोई चढ़ावे शिवजी, जल की ओ धारा, कोई चढ़ावे कच्चा दूध, ओ बाघम्बर वाले ॥ 1 ॥ |
| हरी हरी बेल की पत्तियाँ, चंदन चावल, और चढ़ाऊ फल फूल, ओ बाघम्बर वाले ॥ 2 ॥ |
| आक धतूरा शिवजी, भोग लगत हैं, भंगिया पिओ नी भरपूर, ओ बाघम्बर वाले ॥ 3 ॥ |
| नन्दी रे गण असवारी, ओ शिवजी, हाथ लिये है त्रिशूल, ओ बाघम्बर वाले ॥ 4 ॥ |
| गोरे गोरे अंग पर, भस्मी रमावे, गले में सर्पो का हार, ओ बाघम्बर वाले ॥ 5 ॥ |
| बायें अंग माँ, गिरिजा विराजे, गोदी में लियो हैं गणेश, ओ बाघम्बर वाले ॥ 6 ॥ |
| कंचन थार कपूर की बाती भोला, आरती करे नरनार, ओ बाघम्बर वाले ॥ 7 ॥ |
| सेवा ना जानूं भोला, पूजा ना जानूं, जानूं तुम्हारो एक नाम, ओ बाघम्बर वाले ॥ 8 ॥ |
| सत्यनारायण स्वामी, शरण तिहारी भोला, शरण आये री राखो लाज, ओ बाघम्बर वाले ॥ 9 ॥ |
| अर्जी हमारी भोला, मर्जी तुम्हारी, अर्जी करो नी मंजूर, ओ बाघम्बर वाले ॥ 10 ॥ |