| ॥ अमली ॥ |
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| भोलानाथ अमली, ओ शिवशंकर अमली, ओ जटाधारी अमली। बम बागा बीच भांगड़ली, बुवाय राखूंली, रे घोटाय राखूंली, रे छणाय राखूंली... ॥ टेर ॥ |
| रतन कटोरो बिजिया, हाजर राखूंली॥ कांई बोऊँ काशीजी में, कांई जी प्रयाग (रामजी) कांई बोऊँ हरकी पेड़ी, कांई जी कैलाश, भोलानाथ... ॥ 1 ॥ |
| काशीजी में केशर बोऊँ, चंदन प्रयाग (रामजी) हरकी पेड़ी बिजिया बोऊँ, धतूरो कैलाश। भोलानाथ... ॥ 2 ॥ |
| कांई मांगे नांदियो जी, कांई जी गणेश (रामजी) कांई मांगे भोला शम्भु, योगियां रो भेष। भोलानाथ... ॥ 3 ॥ |
| दुर्वा मांगे नांदियो जी, मोदक गणेश (रामजी) बिजिया मांगे भोला शम्भु, योगियां रो भेष। भोलानाथ... ॥ 4 ॥ |
| दुर्वा देस्या नांदियो जी, मोदक गणेश (रामजी) बिजिया देस्या भोला शम्भु, योगियां रो भेष। भोलानाथ... ॥ 5 ॥ |
| घोटे घोटे नांदियो जी, छाणत गणेश (रामजी) भर भर प्याला देवे गवरजा, पीवो जी महेश। भोलानाथ... ॥ 6 ॥ |
| आकड़े री रोटी पोऊँ, धतूरे रो साग (रामजी) बिजिया री तरकारी छमकूं, जीमो भोलानाथ। भोलानाथ... ॥ 7 ॥ |
| चंदन चढ़ाऊँ, चावल चढ़ाऊँ, और चढ़ाऊँ बील (रामजी) धतुरे रो फूल चढ़ाऊँ, गंगाजी रो नीर। भोलानाथ... ॥ 8 ॥ |
| नाचे नाचे नांदियो जी, नाचत गणेश (रामजी) नाचे म्हारा भोला शम्भु, योगियां रो भेष। भोलानाथ... ॥ 9 ॥ |
| भूखो मांगे अन्न धन, राजा मांगे रुप (रामजी) कुष्ठी मांगे निर्मल काया, बाँझ मांगे पूत। भोलानाथ... ॥ 10 ॥ |
| भूखो देस्या अन्न धन, राजा देस्या रुप (रामजी) कुष्ठी देस्या निर्मल काया, बाँझ देस्या पूत। भोलानाथ... ॥ 11 ॥ |
| आगे आगे नांदियो जी, लारे जी गणेश (रामजी) बीच बिचाले चाले गवरजा, भीलणी रो भेष। भोलानाथ... ॥ 12 ॥ |
| कैलाश पर्वत तपे महादेव, नन्दियो चेलो साथ (रामजी) नाचे कूदे ताल बजावे, बैकुंठा रो वास। भोलानाथ... ॥ 13 ॥ |
| भांगड़ली तो गावे ज्यारो, घर है कैलाश (रामजी) ऊँचा ऊँचा महल माळिया, बैकुंठा रो वास। भोलानाथ... ॥ 14 ॥ |